पथरदेवा, देवरिया: शिक्षा जगत में वर्षों तक अपनी सेवाएं देने के बाद जब कोई शिक्षक सेवानिवृत्त होता है, तो वह केवल एक पद से नहीं बल्कि एक युग से विदाई लेता है। ऐसा ही एक भावुक और गरिमामय क्षण पथरदेवा स्थित आचार्य नरेंद्र देव बालिका विद्यालय में देखने को मिला, जहां प्रभारी प्रधानाध्यापिका संध्या श्रीवास्तव के सम्मान में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
यह समारोह न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम था, बल्कि यह शिक्षण सेवा, समर्पण और समाज निर्माण के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि भी था। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, शिक्षकगण, पूर्व छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और विशेष अतिथि
इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने की। उनके साथ मंच पर विद्यालय की पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापिका महात्मा सिंह सहित कई वरिष्ठ शिक्षक एवं समाजसेवी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिससे पूरे वातावरण में एक सकारात्मक और सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार हुआ। इसके बाद सभी अतिथियों का माल्यार्पण और स्वागत किया गया।
संध्या श्रीवास्तव के कार्यकाल की सराहना
अपने संबोधन में विद्यालय की पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापिका महात्मा सिंह ने कहा कि,
“संध्या श्रीवास्तव एक कर्मठ, लगनशील और विद्यार्थियों के प्रति पूरी तरह समर्पित शिक्षिका रही हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।”
उन्होंने यह भी बताया कि संध्या श्रीवास्तव ने न केवल शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाया, बल्कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया।
खंड शिक्षा अधिकारी का प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम के अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने अपने प्रेरणादायक भाषण में कहा कि,
“शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। वह जीवनभर समाज को सही दिशा देने का कार्य करता है। संध्या श्रीवास्तव जैसे शिक्षक समाज की अमूल्य धरोहर हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे शिक्षकों का अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
भावनात्मक पलों ने बनाया माहौल यादगार
विदाई समारोह के दौरान कई ऐसे पल आए जब पूरा वातावरण भावुक हो गया। सहकर्मियों और छात्रों ने संध्या श्रीवास्तव के साथ बिताए गए अपने अनुभव साझा किए।
छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसमें गीत और कविता के माध्यम से उन्होंने अपनी प्रिय शिक्षिका के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त किया।
इस दौरान कई शिक्षकों ने भी अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि संध्या श्रीवास्तव ने किस तरह कठिन परिस्थितियों में भी विद्यालय के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए।
नए प्रभारी प्रधानाध्यापक को सौंपी गई जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक प्रमोद कुमार पांडेय को प्रभारी प्रधानाध्यापक पद का दायित्व सौंपा गया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वे विद्यालय की परंपराओं और मूल्यों को आगे बढ़ाने का पूरा प्रयास करेंगे और सभी के सहयोग से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
उन्होंने सभी उपस्थित लोगों और वरिष्ठ शिक्षकों के प्रति आभार भी प्रकट किया।
कार्यक्रम का संचालन और आयोजन
इस पूरे कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त विज्ञान शिक्षक एवं पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष सुभाष यादव ने किया। उनकी प्रभावशाली शैली और संतुलित संचालन ने कार्यक्रम को एक सुव्यवस्थित रूप दिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय परिवार का विशेष योगदान रहा।
उपस्थित प्रमुख लोग
इस अवसर पर कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
- सौरभ श्रीवास्तव
- शुभ्रा श्रीवास्तव
- संजीव
- तूलिका श्रीवास्तव
- रामायण कुशवाहा
- विवेक सिंह
- अजीत प्रजापति
- शुभावती
- कुशमावती
आदि शामिल थे।
सभी ने मिलकर इस आयोजन को यादगार बना दिया।
शिक्षा जगत के लिए एक प्रेरणा
संध्या श्रीवास्तव का कार्यकाल शिक्षा क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने अपने समर्पण, अनुशासन और विद्यार्थियों के प्रति प्रेम से एक ऐसी पहचान बनाई है, जो आने वाले समय में भी लोगों को प्रेरित करती रहेगी।
उनकी विदाई भले ही एक औपचारिक प्रक्रिया हो, लेकिन उनके द्वारा दिए गए संस्कार और शिक्षा हमेशा जीवित रहेंगे।